भारतीय संस्कृति के पुन: निर्माण के लिए जनकार्यक्रम

एनसीएफ की प्रक्रिया

एनसीएफ की प्रक्रिया

प्रथम चरण – एनसीएफ उन प्रस्तावों को स्वीकार और प्रोत्साहित करता है जो-

-जिनका प्रयोजन हो हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण

- उच्च सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव हो

द्वितीय चरण – परियोजनाओं का अनुमोदन और मूल्यांकन

मूल्यांकन के मानदंड .
  • ऐतिहासिक प्रतिष्ठा
  • सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव
  • पर्यावरणीय प्रभाव
  • आर्थिक प्रभाव
  • लाभार्थी कौन है?
  • स्थिरता जिसमे रोजगार,प्रशिक्षण और राजस्व पीढ़ी शामिल हो |

परियोजनाओं का अनुमोदन

  • एनसीएफ द्वारा प्राप्त परियोजनाएँ एनसीएफ परियोजना चयन उप-समिति के द्वारा मूल्यांकन और अनुशंसित की जाती है | एनसीएफ इन परियोजनाओं को कार्यकारिणी समिति के सामने अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करती है |

तृतीय चरण - दाता के साथ सांझेदारी

  • कार्यकारिणी समिति से परियोजना के लिए अनुमोदन प्राप्त करने के बाद, एनसीएफ कार्यान्वयन एजेंसी के साथ विस्तृत बातचीत करती है, जैसे कार्य का प्रयोजन, समय-सीमा, प्रदेय, भुगतान का समय और परियोजना की समय अवधि |
  • दाता संगठन द्वारा समझोता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, एनसीएफ और प्रस्तावक/ कार्यान्वयन संस्था |
  • परियोजना की प्रगति की देख-रेख के लिए परियोजना के प्रारम्भ में ही एक परियोजना कार्यान्वयन समिति गठित की जाती है |
  • इस उदेश्य के लिए एक अलग संयुक्त बैंक खाता खोला दिया गया है, जो एनसीएफ के प्रतिनिधियों और निधियन एजेंसी द्वारा संचालित की जाती है |
  • पीएसयू दाता की प्रोजेक्ट के निष्पादन की पूरी प्रक्रिया के दौरान पूर्ण भागीदारी रहेगी |

राष्ट्रीय संस्कृति निधि